Baikunthpur का मिनी स्टेडियम हाई स्कूल परिसर, जो कभी बच्चों के खेलने, युवाओं के दौड़ने और परिवारों के घूमने की जगह माना जाता था, अब धीरे-धीरे नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाम 6 बजे के बाद यहां का माहौल इतना खराब हो जाता है कि ना तो परिवार अपने बच्चों के साथ आने की हिम्मत कर पाते हैं और ना ही लड़कियां सुरक्षित महसूस करती हैं।
क्षेत्रवासियों के अनुसार, स्टेडियम परिसर में खुलेआम नशा किया जाता है, जिससे वहां आने वाले बच्चों और युवाओं में डर का माहौल बना रहता है। कई अभिभावकों ने चिंता जताई कि बच्चे खेल और दौड़ की प्रैक्टिस छोड़ने लगे हैं, क्योंकि शाम होते ही असामाजिक तत्वों की भीड़ बढ़ जाती है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन और पुलिस को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। नियमित पेट्रोलिंग, सीसीटीवी निगरानी और नशा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो यह जगह पूरी तरह असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बन सकती है।
क्षेत्रवासियों की मांग है कि मिनी स्टेडियम को फिर से सुरक्षित और स्वच्छ माहौल दिया जाए, ताकि बच्चे बिना डर के खेल सकें और परिवार आराम से समय बिता सकें।
