रामपुर। हिम्मत, लगन और आत्मविश्वास की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां कुडसिया ने गंभीर बीमारी को मात देकर 10वीं बोर्ड परीक्षा में 91% अंक हासिल किए हैं।
कुडसिया, जो कि स्ट. जोसेफ इंग्लिश मीडियम स्कूल, रामपुर की छात्रा हैं, मार्च 2025 में GBS (गुइलेन बैरे सिंड्रोम) जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हो गई थीं। इस दौरान उन्हें करीब 6 महीने तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा, जिसमें एक महीना उन्होंने वेंटिलेटर पर रहकर जिंदगी के लिए संघर्ष किया।
लंबे इलाज के बाद जब अगस्त 2025 में उनकी तबीयत में थोड़ा सुधार हुआ, तब उन्होंने हार न मानते हुए ऑनलाइन CBSE कक्षाओं के माध्यम से अपनी पढ़ाई फिर से शुरू की। उस समय उनकी हालत ऐसी थी कि वे ठीक से लिख भी नहीं पाती थीं, लेकिन उन्होंने रोजाना पढ़ाई और एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल कर धीरे-धीरे खुद को मजबूत बनाया।
स्कूल प्रशासन ने उनकी स्थिति को देखते हुए परीक्षा के लिए राइटर (लेखक) की सुविधा देने का प्रस्ताव भी रखा, लेकिन अपने मजबूत इरादों के चलते कुडसिया ने खुद लिखकर परीक्षा देने का फैसला किया। उनके इस जज्बे ने सभी को प्रेरित किया।
इस संघर्षपूर्ण सफर में स्कूल के प्रिंसिपल, क्लास टीचर और उनके परिवार ने पूरा सहयोग दिया। सभी के समर्थन और अपनी मेहनत के बल पर कुडसिया ने 10वीं बोर्ड में 91% अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मुश्किल रास्ता रोक नहीं सकती।
कुडसिया की यह सफलता न केवल उनके परिवार और स्कूल के लिए गर्व की बात है, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणा है कि कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत और मेहनत से सफलता पाई जा सकती है।


