बैकुण्ठपुर नगर पालिका क्षेत्र में सुलभ शौचालयों की बदहाल व्यवस्था को लेकर प्रकाशित खबर का तुरंत असर देखने को मिला है। खबर सामने आने के बाद नगर पालिका प्रशासन हरकत में आया और मुख्य चौक व पुराने बस स्टैंड स्थित सुलभ शौचालयों में सफाई कार्य कराया गया।
जहां पहले गंदगी, दुर्गंध, जाम शौच सीट और पानी की कमी से लोग परेशान थे, वहीं अब शौचालय परिसर में सफाई, कचरा हटाने और फर्श धुलाई का काम किया गया है। सफाईकर्मियों की मौजूदगी से स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों ने कुछ हद तक राहत महसूस की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि
“खबर चलने के बाद ही नगर पालिका जागी, वरना महीनों तक कोई सुध लेने नहीं आता था।”
हालांकि नागरिकों ने यह भी स्पष्ट किया कि एक दिन की सफाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। लोगों की मांग है कि
नियमित सफाई व्यवस्था
पानी की स्थायी उपलब्धता
टूटे दरवाजों व सीटों की मरम्मत
और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण
को स्थायी रूप से लागू किया जाए।
अब देखना यह होगा कि नगर पालिका की यह सक्रियता केवल खबर के दबाव तक सीमित रहती है या फिर वास्तव में स्वच्छ भारत मिशन की भावना के अनुरूप स्थायी सुधार किए जाते हैं।
फिलहाल इतना तो साफ है कि मीडिया की ताकत ने सिस्टम को आईना दिखा दिया है।

